हमारे उद्देश्य
हमारा लक्ष्य समाज को संगठित, शिक्षित और सशक्त बनाना है। हम एक प्रगतिशील समाज की नींव रख रहे हैं।
संगठन एवं एकता
पुष्करणा बन्धुओं के परस्पर भ्रातृभाव, सहकारिता, एकता व संगठन की भावना की स्थापना व प्रोत्साहन तथा उपर्युक्त लक्ष्य प्राप्ति हेतु समस्त भारत में परिषद् की, प्रान्तीय व स्थानीय शाखाएँ स्थापित करना व उनका नियमन एवं संचालन करना।
समग्र विकास
पुष्करणा बन्धुओं की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक, सांस्कृतिक उन्नति, प्रगति व कल्याण की अभिवृद्धि हेतु कार्य एवं प्रयत्न करना।
आर्थिक सहायता
उच्च व तकनीकी शिक्षा प्राप्ति हेतु साधनहीन विधार्थियों की तथा आपातकालीन अवस्थान में जरूरतमन्द पुष्करणा बन्धुओं की आर्थिक व अन्य सहायता करना।
पारस्परिक सम्पर्क
पुष्करणा बन्धुओं में पारस्परिक सम्पर्क बढ़ाने, उन्हें एक दूसरे के निकट लाने हेतु क्षेत्रीय, विभागीय व अखिल भारतीय सम्मेलन के अधिवेशन, स्नेह मिलन, सभा समारोह, उत्सव, मनोरंजन के लिए आम खेल प्रतियोगिताओं आदि का आयोजन करना तथा पत्र-पत्रिकाओं व अन्य साहित्य का प्रकाशन व प्रसारण करना।
समूह सशक्तिकरण
महिला मण्डल, युवक मण्डल, व्यावसायिक मण्डल तथा ऐसे ही अन्य उपयोगी मण्डलों को प्रोत्साहित करना और आवश्यक साधन उपलब्ध कर, उनकी हर प्रकार से सहायता करना।
संस्थागत संचालन
परिषद् के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विधालय, छात्रावास, पुस्तकालय, गौशाला, कृषिफार्म, अनुसंधानशालाओं, वृद्धआश्रम, चिकित्सालय व औषधालय आदि का संचालन करना।
संसाधन जुटाना
परिषद् व उसकी समस्त शाखाओं के बहुमुखी कार्य कलापों को गतिमान बनाने हेतु शुल्क, दान, मनोरंजक कार्यक्रम, खेल-तमाशे व अन्य साधनों द्वारा अर्थ उपार्जन करना।
सामंजस्य एवं समन्वय
सभी अथवा आंशिक समान उद्देश्यों वाली अन्य स्व-सामाजिक, अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं से अपने कार्य के सम्बन्ध में समन्वय स्थापित करना।
सम्पति प्रबंधन
परिषद् के लक्ष्यों व उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सम्पतियों, भवनों को धारण करना, खरीदना, निर्माण करवाना तथा आवश्यकता अनुसार हस्तान्तरण करना।






